भाजपा और कांग्रेस को बोकारो की जनता ने दरकिनार कर दिया है: अब्दुल वाहिद खान


बोकारो विधानसभा चुनाव को लेकर पूरी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी है. यह सीट काफी हॉट भी मानी जा रही है , खासकर कुछ दिन पहले बोकारो के विधायक विरंची नारायण का सोशल साइट पर एक वीडियो वायरल होने के बाद काफी हाय तौबा भी मचा. इसके बाद उन्हें बीजेपी से टिकट भी मिला गया. लेकिन बोकारो की जनता में क्या चल रहा है यह तो अब 23 दिसंबर को मतगणना के बाद ही पता चलेगा, कि बोकारो की जनता ने अपना समर्थन किसे दिया है . लेकिन इससे पहले बोकारो चास नगर पालिका परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष रहे अब्दुल वाहिद खान ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा है कि 9 दिसंबर बोकारो की सरजमीं पर प्रधानमंत्री का आगमन हो रहा है और प्रधानमंत्री बोकारो के विधायक रहे विरंची नारायण और चंदनक्यारी के विधायक सह मंत्री रह चुके अमर कुमार बावरी के समर्थन में यहां की जनता को संबोधित करेंगे .

लेकिन मैं आपको यह बता दूं कि कोई परिवर्तन होने नहीं जा रहा है , क्योंकि बोकारो विधानसभा और चंदनक्यारी विधानसभा की जनता दोनों विधायकों से नाखुश है . उन्होंने अपने क्षेत्र में विकास के कितने काम किए हैं , इसका दौरा आप स्वयं करके भी देख सकते हैं . यही कारण है कि यहां की जनता काफी आक्रोशित भी हैं . जहां तक कांग्रेस पार्टी की बात है तो समरेश सिंह जो पूर्व में विधायक रहे और उनका अपना महत्त्व रहा है कि वह कई पार्टियों में दलबदल करते रहे हैं . उनका गिनती बोकारो विधानसभा में ही नहीं पूरे झारखंड में दल बदलू के रूप में होती है, वह अपनी बहू को विधायक पद पर चुनाव लड़ रहे हैं तो दूसरी बहू को मेयर पद के उम्मीदवार के रूप में अभी से ही देख रही है . बोकारो की जनता बेवकूफ है कि एक ही परिवार के लिए झोला उठाकर चले यह सोच बदलना होगा. इसका परिणाम भी बहुत जल्द देखने को मिलेगा . अब आजसू पार्टी के प्रत्याशी राजेंद्र महतो को जनता का समर्थन भी मिलने लगा है . वाहिद ने आगे कहा कि यहां के वोटर भाजपा से नाखुश हैं और कांग्रेस के परिवारवाद से भी परेशान हैं .

अगर विकल्प में अगर कोई है तो वह है आजसू पार्टी के उम्मीदवार राजेंद्र महतो है. बता दे कि बोकारो विधानसभा से नहीं बल्कि चंदनक्यारी से उमाकांत रजक भी इस बार चुनाव जीत रहे हैं . क्योंकि चंदनक्यारी की जनता अमर बावरी का विरोध कर चुकी है . वाहिद ने आगे कहा कि कुछ दिन पहले ही आजसू पार्टी की सदस्यता लिया हूँ और 2 दिन पहले भी एक सौ से अधिक कार्यकर्ताओं को आजसू पार्टी का सदस्यता दिलायी है.

वाहिद ने कहा कि कुछ दिन पहले ही आजसू पार्टी की सदस्यता लिया हूँ और 2 दिन पहले भी एक सौ से अधिक कार्यकर्ताओं को आजसू पार्टी का सदस्यता दिलायी है.

अब प्रतिबद्ध होकर आजसू पार्टी के लिए काम कर रहे हैं . उन्होंने अपने पुराने दिन को याद करते हुए भी कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा मैं काम कर चुका हूं . लेकिन जब जेएमएम और कांग्रेस पार्टी ने मिलकर गठबंधन की सरकार बनाई तो भ्रष्टाचार भी अपने चरम पर पहुंच गई थी . ना सिर्फ बोकारो, चंदनक्यारी बल्कि झारखंड की जनता ने भी देखा और देख भी रही है कि किस तरह से राष्ट्रीय पार्टियों ने यहां की जनता को छला है , चाहे कांग्रेस पार्टी हो भारतीय जनता पार्टी हो या फिर झारखंड मुक्ति मोर्चा जो जल ,जंगल, जमीन की बात करने वाली पार्टी हो अब झारखंड के लोगों का पास एक ही विकल्प आजसू पार्टी और लोगों का जुड़ाव बढ़ते ही जा रही है.

राष्ट्रीय पार्टियों ने यहां की जनता को छला है