जल ,जंगल ,जमीन सहित झारखंड के जो समस्याएं पिछले 19 सालों से रही है । उन तमाम समस्याओं को लेकर झारखंड विकास मोर्चा के भावी उम्मीदवार प्रेम शंकर शाही मुंडा तमाड विधानसभा क्षेत्र से अपने 27 मांगों को लेकर जो योजनाएं तैयार की है । यह योजना न सिर्फ तमाड़ विधानसभा क्षेत्र की जनता की है, बल्कि झारखंड के रहने वाले लगभग साढे 3 करोड़ से अधिक लोगों की भी है।
आदिवासी मूलवासी की बात करने वाली झारखंड विकास मोर्चा के प्रत्याशी प्रेम शंकर शाही मुंडा ने तमाड़ विधानसभा क्षेत्र में आज पैदल यात्रा कर जनता से समर्थन मांगा है । जनता ने अपना समर्थन भी दे रहे हैं । उनके नारों के साथ प्रेम शाही मुंडा को उत्साह को दोगुना कर रहे हैं ।
इस अवसर पर प्रेम शंकर शाही मुंडा झारखंड विकास मोर्चा के भावी उम्मीदवार खबर ओन्ली से बात करते हुए कहा कि पिछले 19 सालों से झारखंड विकास से वंचित है। प्रदेश के 81 विधानसभा सीटों में तमाड़ विधानसभा क्षेत्र भी है , जो विधायक और मंत्री तो दिए हैं लेकिन विकास की जो रफ्तार यहां होनी चाहिए थी जिसकी शुरुआत होनी चाहिए वह भी नहीं हो सकी है । यहां की जनता बड़ी उम्मीद से विकास मुंडा को जो भाजपा आजसू गठबंधन से विधायक बने थे। लेकिन जनता के हित के लिए विधानसभा में आवाज उठाने में असमर्थ रहे ।
चाहे सीएनटी एसपीटी एक्ट की बात हो, स्थानीय नीति की बात हो, जल, जंगल, जमीन की बात हो, नौजवानों की नौकरी की बात हो, नदियों , नालों, झरना को बचाने की बात हो , पांचवी अनुसूची क्षेत्र में वर्तमान विधानसभा क्षेत्र आता है । यहां परासी गांव में जो उत्खनन हो रहा है उसके खिलाफ की बात हो , समाज में दबे कुचले लोगों की आवाज उठाने की बात हो , सहित लगभग 27 जो मांगे हैं जिसके लिए वह लंबे समय से गांव से लेकर विधानसभा के दरवाजे तक अपनी मांगों को रखा है । अब जनता का समर्थन के इंतजार में है कि अपनी बातों को विधानसभा के अंदर भी रखें ।
तमाड की जो समस्याएं हैं उसका समाधान भी कर सके । प्रेम शंकर शाही मुंडा ने कहा है कि जेएमएम विकास मुंडा हो , या फिर एनसीपी का राजा पीटर हो या आजसू , भाजपा के उम्मीदवार है इन सबको तमाड की जनता ने दरकिनार कर दिया है । उनका उम्मीद झारखंड विकास मोर्चा पर आ टिकी है । वह इंतजार से देख रही है झारखंड विकास मोर्चा के सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी को। एक मौका दिया जाना चाहिए। इसी उम्मीद के साथ तमाड़ के लगभग 303 बूथों पर भारी बहुमत के साथ झारखंड विकास मोर्चा का कंघी छाप में मोहर लगने वाली है।