
रांची: झारखंड की राजधानी रांची के प्रख्यात (नेत्र) माइक्रोसर्जरी और ग्लूकोमा सर्जन और जोहा आई केयर सेंटर के निदेशक डॉ. मोहम्मद आबिद अख्तर ने पवित्र माहे रमजान का मुबारकबाद देते हुए एक सवाल के जवाब में कहा की यदि आप रोजा से हैं और शुगर जांच कराना चाहते हैं तो इसके लिए आप सेहरी के 10 घंटे के बाद फास्टिंग करा सकते हैं और इफ्तार के ठीक दो घंटे के बाद पीपी जांच कराएं। ब्लड शुगर जांच के लिए खून देने से रोजा नहीं टूटता। उन्होंने कहा कि शुगर यदि कंट्रोल में है तो रोजा रखें, यदि कंट्रोल में नहीं है तो न रखें। ब्लड दे सकते हैं और ब्लड ले भी सकते हैं। लेकिन, उल्टी होने से मकरूह है। मरीज को खुद ही समझना है कि यदि उसे कोई बीमारी है तो वह रोजा रख पाएगा कि नहीं। यदि गंभीर रूप से बीमार हैं तो रोजा न रखें। रोजा नहीं रखने पर क्या किया जा सकता है यह बातें इस्लामिक स्कॉलर या उलेमा से पता कर लें। डॉ. आबिद ने कहा की अभी अधिक गर्मी पड़ रही है। रात में इफ्तार के बाद से लेकर सेहरी तक के बीच में नौ घंटे में थोड़ा-थोड़ा पानी हर वक्त पीते रहें। इफ्तार के वक्त खाली पेट में सिर्फ पानी न पीएं। कोल्ड ड्रिंक से परहेज करें। खाली पेट में फल न खाएं। पहले कुछ ठोस खा लें उसके बाद फल खाएं नहीं तो पेट में दर्द होगा। सब थोड़ा-थोड़ा खाएं। सेहरी में तेल-मसाला के खाना खाने से बचें। बच्चे यदि रोजा रखते हैं तो उनकी निगरानी जरूरी है, क्योंकि उनमें डिहाइड्रेशन तेजी से बढ़ता है। जो अपने लिए पसंद करें वही दूसरो के लिए पसंद करें। अगर किसी का भलाई न कर सके तो बुराई न करें।
