रांची: कोरोना महामारी के चलते भारत सरकार द्वारा विगत 25 मार्च को लागू किए गए संपूर्ण लाक डाउन के दौरान जहां सारा भारत बंद हो गया था। गरीबों, रोजमर्रा कमाने खाने वाले लोगों के सामने खाने के लाले पड़ गए थे। लॉक डाउन लागू होने के बाद हालांकि सरकारी और गैर सरकारी तौर पर लोगों को भोजन मुहैया कराने के लिए राहत सामग्रियों का वितरण शुरू किया गया। वहीं जगह-जगह निजी संस्थाओं और सरकारी तंत्रों द्वारा जनता किचन खोले गए। लेकिन कुछ दिनों तक चलाए जाने के बाद धीरे-धीरे राशन किट वितरण बंद हो गया। बावजूद इसके कि राजधानी रांची के आज़ाद बस्ती वार्ड नो 17 में एक ऐसी शख्सियत अभी भी मैदान में डटी हुई है, जो लगातार जरूरतमंदों गरीबों के घर राशन मुहैया कराने का काम अनवरत रूप से संचालित कर रहा है। वह शख्स कोई और नहीं रांची के जाने-माने समाजसेवी और वार्ड 17 के पार्षद पति सह मोहम्मद अली अखाड़ा के प्रमुख खलीफा फ़िरोज उर्फ रिंकु भाई हैं। जिन्होंने इस अभियान को चला रखा है। उनका कहना है कि, जब तक संभव होगा वह वार्ड के किसी भी गरीब और कमजोर परिवार को भूखे पेट नही रहने देंगे। इस काम के लिए ना तो उन्हें किसी सरकारी मदद की जरूरत है, और ना ही किसी स्वयंसेवी संस्था से वह कोई योगदान लेते हैं। बल्कि जो कुछ भी वह कर रहे हैं वह अपने निजी स्रोत से गरीबों की सेवा कर रहे हैं। आपको बता दें कि वार्ड नो 17 की पार्षद शबाना खान दिनरात लोगो की समस्याओं को हल करने में लगी रहती हैं।
