नई तकनीक मत्स्यपालकों की आर्थिक दशा सुधारने में होगी सहायक : एचएन द्विवेदी



- पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन
- संवाददाता
रांची। एचईसी परिसर स्थित मत्स्य किसान प्रशिक्षण केंद्र, (शालीमार) में आयोजित पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शनिवार को समापन हुआ। इस कार्यक्रम में केन्द्रीय मास्यिकी शिक्षा संस्थान (सीएफएल) के वैज्ञानिक डॉ.अकलाकुर, डॉ.सुमन रचित, जिला मत्स्य पदाधिकारी, रांची अरूप कुमार चौधरी, नवराजन तिर्की, सहायक मत्स्य निदेशक, अनुसंधान, रांची द्वारा व्याख्यान दिया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान मछली पालन की नवीनतम तकनीक बायोफ्लाॅक के बारे में मत्स्यपालकों को विस्तृत जानकारी दी गई। पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में झारखंड के लगभग सभी जिलों के 108 प्रशिक्षणार्थियों ने भाग लिया।
समापन समारोह में निदेशक मत्स्य, एचएन द्विवेदी विशेष रूप से उपस्थित थे। श्री द्विवेदी ने सफल प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किया। उन्होंने उपस्थित कृषकों से प्रश्नोत्तर भी किया। जिसमें प्रशिक्षण के क्रम में क्या-क्या जानकारी प्राप्त हुई तथा उनके द्वारा बायोफ्लॉक में मछली पालन दौरान प्राप्त अनुभवों को साझा किया गया।
रांची जिला मत्स्य पदाधिकारी अरुप कुमार चौधरी ने बताया कि पांच दिवसीय प्रशिक्षण से मत्स्य कृषक प्रशिक्षणार्थी लाभान्वित हुए। प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से मत्स्य पालकों की जिज्ञासाएं भी दूर की गई।
मुख्य अनुदेशक प्रशांत कुमार दीपक ने कहा कि बायोफ्लॉक तकनीक द्वारा कम जगह में तथा कम पानी में सघन मत्स्य पालन किया
जाता है। जिससे मछलियों को फ्लॉक तथा पूरक आहार उपलब्ध कराकर प्रति टैंक 500-500 किग्रा का उत्पादन लिया जा सकता है।
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- महिला मत्स्य कृषकों को रंगीन मछली पालन का दिया गया प्रशिक्षण
रांची। इसके साथ ही एक दूसरे प्रशिक्षण कार्यक्रम में मत्स्य किसान प्रशिक्षण केन्द्र में महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने तथा रोजगार के नए साधन उपलब्ध कराने के लिए 25 महिला मत्स्य कृषकों को रंगीन मछली पालन पर प्रशिक्षण दिया गया। इसमें रांची जिला की 21 महिलाएं तथा खूंटी जिला की चार महिलाओं ने भाग लिया। सभी प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण समाप्त होने पर शनिवार को प्रमाण पत्र दिया गया। समापन समारोह में संयुक्त मत्स्य निदेशक मनोज कुमार मे महिलाओं को रेडी टू स्टाॅल लगाने पर बल दिया। साथ ही मत्स्य विभाग की योजनाओं से जुड़ने का आह्वान किया।
उन्होंने बताया कि रंगीन मछली पालन का प्रशिक्षण पुनः 19-23 सितम्बर तथा 12 से 16 अक्टूबर को दिया जायेगा। जिसमे महिला प्रतिभागी भाग ले सकते हैं।
समापन समारोह में मत्स्य किसान प्रशिक्षण केन्द्र की सीमा कुमारी कुजूर ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
इस अवसर पर स्वर्णलता मधु लकड़ा, मत्स्य प्रसार पदाधिकारी रणविजय कुमार, मत्स्य प्रसार पदाधिकारी सायनसलास सहित कई कर्मी एवं पदाधिकारीगण उपस्थित थे।