एचईसी को बचाने एकजुट हुए राजनीतिक, सामाजिक व श्रमिक संगठन

गूंगे-बहरे जनप्रतिनिधियों को जगाएंगे : सुबोधकांत सहाय

एचईसी बचाओ मजदूर जन संघर्ष समिति ने किया प्रदर्शन

एचईसी को बचाने के लिए होगा चरणबद्ध जनांदोलन *जनवरी में राजभवन मार्च

सार्वजनिक उपक्रम बचाओ संकल्प दिवस का भी होगा आयोजन

रांची। एशिया प्रसिद्ध कारखाना और झारखंड की शान एचईसी के अस्तित्व को बचाने के प्रति एक ओर केंद्र की मोदी सरकार उदासीन है, वहीं, दूसरी तरफ यहां के भाजपा के सांसद, राज्यसभा सांसद, विधायक सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी बेपरवाह हैं। उक्त बातें पूर्व केंद्रीय मंत्री व कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता सुबोधकांत सहाय ने गुरुवार को एचईसी मुख्यालय के समक्ष एचईसी बचाओ मजदूर जन संघर्ष समिति के प्रदर्शन के दौरान अपने संबोधन में कही। उन्होंने कहा कि एचईसी के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है, लेकिन इसे बचाने के लिए भाजपा के एक भी सांसद- विधायक ने आवाज नहीं उठाई। कामगारों का पिछले छह माह से वेतन बकाया है। इस दिशा में भाजपा के सांसदों-विधायकों ने कभी प्रयास नहीं किया कि कर्मियों के घरों का चूल्हा जले।
केंद्र की मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियों के कारण एचईसी बंदी के कगार पर पहुंच गया है। एचईसी के अस्तित्व पर मंडराते खतरे को देखते हुए न केवल यहां के श्रमिक संगठन, बल्कि विभिन्न राजनीतिक दल और सामाजिक संगठन भी एकजुट हुए हैं। एचईसी का श्रमिक आंदोलन अब व्यापक राजनीतिक-सामाजिक जन आंदोलन के रूप में परिवर्तित हो चुका है।
उन्होंने कहा कि एचईसी को वित्तीय सहायता दिलाने के लिए राज्य सरकार से भी अनुरोध किया जाएगा। श्री सहाय ने कहा कि एचईसी को बचाने के लिए यहां के सांसद, विधायक व अन्य जनप्रतिनिधियों को भी जगाना होगा। गूंगे-बहरे जनप्रतिनिधियों को झकझोर कर उनकी निंद्रा भंग करनी होगी। उन्होंने कहा कि एचईसी प्रबंधन की ओर से कई बार कारखाना के आधुनिकीकरण और जीर्णोद्धार के लिए राशि की मांग की गई। लेकिन हर बार केंद्र की मोदी सरकार ने प्रबंधन के प्रस्ताव को दरकिनार कर ठंडे बस्ते में डाल दिया। एक-एक कर सार्वजनिक उपक्रमों को निजी क्षेत्र के बड़े-बड़े पूंजीपतियों और कॉर्पोरेट घरानों को बेचने की साजिश रची जा रही है। एचईसी की बदहाली की मुख्य वजह भी यही है। केंद्र की मोदी सरकार इसे भी बेचना चाहती है। श्री सहाय ने कहा कि मोदी सरकार की इस श्रमिक विरोधी मंशा को कभी सफलीभूत नहीं होने देंगे। इसके लिए चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की गई। इसके तहत जनवरी माह में राजभवन मार्च और सार्वजनिक उपकरण बचाओ संकल्प दिवस का आयोजन किया जाएगा।
सभा को संबोधित करते हुए हटिया प्रोजेक्ट वर्कर्स यूनियन के महामंत्री राणा संग्राम सिंह ने कहा कि एचईसी को बचाने के लिए राज्य सरकार से भी मदद लिए जाने की आवश्यकता है। मजदूर संगठन एकमत होकर एचईसी प्रबंधन पर कर्मियों के बकाया वेतन भुगतान के लिए दबाव बनाएं।
सभा को संबोधित करते हुए हटिया कामगार यूनियन के कैलाशपति साहू ने कहा कि प्रबंधन भी कर्मियों के वेतन भुगतान नहीं करने के लिए दोषी है। अभी तक स्थाई रूप से अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक की नियुक्ति की गई है। इस संबंध में मुख्यमंत्री से मिलकर आर्थिक पैकेज दिलाने का प्रयास किया जाना जरूरी है।
वहीं, सभा को संबोधित करते हुए सीपीआई के केडी सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री से मिलकर इस संदर्भ में वार्ता की जाए, इसके लिए राजभवन के समक्ष धरना भी दिए जाने पर उन्होंने सहमति जताई। जरी के विधायक राजेश कश्यप ने कहा कि एसईसी झारखंड सहित पूरे देश की शान है। ritu को बचाना हम सबों की सामूहिक जिम्मेदारी है उन्होंने जनप्रतिनिधियों से भी आह्वान किया कि अच्छी सी को बचाने की दिशा में आगे आएं और केंद्र सरकार पर दबाव बनाए।
सभा को सीपीआई माले के शुभेंदु सेन, मार्क्सवादी समन्वय समिति के सुशांत मुखर्जी, झामुमो के अंतू तिर्की, आदिवासी जन परिषद के प्रेम शाही मुंडा, सामाजिक कार्यकर्ता दयामणि बरला, राजद के राजेश यादव, सीपीआई के महेंद्र पाठक, कांग्रेस के विनय सिन्हा दीपू, एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह, पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष सुंदरी तिर्की, प्रदेश कांग्रेस सहकारिता विभाग के अध्यक्ष बबलू शुक्ला, हटिया लोक मंच के हाजी जान मोहम्मद, एचईसी सुपरवाइजर एंड एक्सक्यूटिव एसोसिएशन के बृजेश कुमार सिंह, योगेंद्र सिंह, एचईसी लिमिटेड श्रमिक कर्मचारी यूनियन के प्रकाश कुमार, हटिया कामगार यूनियन के एमपी रामचंद्रश, एचईसी सप्लाई संघर्ष समिति के दिलीप सिंह, विस्थापित मंच के मोहम्मद ओवैस आजाद, हटिया मजदूर यूनियन के हरेंद्र प्रसाद, भवन सिंह, जनता मजदूर यूनियन के एसजे मुखर्जी, जगन्नाथपुर व्यवसाई महासंघ के एसएन मिश्रा, बस्ती बचाओ मंच के मिंटू पासवान, एचईसी नागरिक अधिकार मंच के कैलाश यादव, हटिया मजदूर लोक मंच के चिराग वारला, विमल महली, राजेश सिंह, अरुण कुमार, प्रदीप तिवारी, धीरेंद्र सिंह बमबम, कमल ठाकुर, विशाल सिंह, रंजन यादव ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर काफी संख्या में एचईसी के कामगार उपस्थित थे।