नहीं होगा अंजुमन चुनाव: बगैर फर्जी मतदाता हटाये और बगैर ऑडिट किए: मंत्री हफीजुल हसन

सेंट्रल मुहर्रम कमिटी और विभिन्न सामाजिक संगठनो के प्रतिनिधि मिले मंत्री से

रांची: अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हफीजुल हसन से उनके आवास पर आज दिनांक 19 नवम्बर 2021को मुस्लिम समाजिक संगठनों का प्रतिनिधि मंडल मिला और दस्तूर का उल्लंघन कर फर्जी मतदाता के सहारे हो रहे अंजुमन इस्लामिया रांची के चुनाव पर रोक एवं जांच के आदेश मंत्री द्वारा दिये जाने पर प्रतिनिधिमंडल ने उनका आभार व्यक्त किया।
सेंट्रल मुहर्रम कमिटी महासचिव अकीलुलर रहमान ने मंत्री को बताया कि दस्तूर के अनुसार तत्कालीन प्रबंधन समिति को अपना कार्याकाल समाप्त होने के चार माह पूर्व एक दीनदार (स्वतंत्र) व्यक्ति को चुनाव कंवेनर न्युक्ति करना चाहिए था, लेकिन ऐसा ना कर कार्याकाल समाप्त होने के बाद अंजुमन के मातहत कार्य करने वाले लोगों को कंवेनर और सहायक कंवेनर बना दिया गया, चुनाव कमिटी ने गलत तरीके से पोस्टर जारी कर 20 किमी क्षेत्रों वाले सैकड़ो ग्रामीण पंचायतों, मस्जिद मदरसों और समाजिक संस्थानों से 20 रूपये का शुल्क के साथ पहले आवेदन लिया और उसमें नब्बे प्रतिशत लोगों को दस्तूर के हवाले देकर छाट दिया गया वही करीबी और रिश्तेदारों का नाम वोटर लिस्ट में शामिल कर लिया गया। उन्होंने बताया राज्य स्तरीय धार्मिक एवं समाजिक संगठन से 02 और जिला स्तरीय संगठन से 01 लेना है लेकिन कहीं 05 तो कही 03 और 02 लोगों का वोटर लिस्ट नाम शामिल किया गया है। समाजसेवी हाजी हलीम ने बताया कि वक्फ बोर्ड के निगरानी में 2013 में हुए अंजुमन इस्लामिया चुनाव में 738 और 2018 में हुए चुनाव में 937 मतदाता थे और वर्तमान अंजुमन इस्लामिया चुनाव कमिटी द्वारा जारी वोटर लिस्ट में अठारह सौ अधिक वोटर है, इतने बड़े संख्या में वो भी तब जब दो वर्षों से कोरोना महामारी से रांची जूझ रहा है इससे जाहिर है के बड़े पैमाने पर कम्प्यूटर से बने फर्जी पंचायत, कमिटी, संस्थानों और इदारे को शामिल किया गया है जो दस्तूर का उल्लंघन है जिन पर कानूनी कारवाई होनी चाहिए। प्रतिनिधिमंडल में शामिल अब्दुल खालिक, मुसतक़ीम आलम, इरफान उजैर, इमरान अंसारी,अब्दुल मन्नान,मो वाहिद, ने मंत्री से अंजुमन इस्लामिया में वर्ष 2010 से अबतक का महालेखाकार से आॅडिट करवाने एवं निगरा कमिटी बनाने की मांग किया। मंत्री हफीजुल हसन ने कहा रांची डीसी को स्पष्ट निर्देश दिया गया की चुनावी प्रक्रिया सहित वोटर लिस्ट की जांच किया जाए, गलत पाये जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी उनहोंने कहा कि आॅडिट और निगरा कमिटी जांच रिपोर्ट आने के बाद किया जाएगा।