ज़िकित्ज़ा हेल्थकेयर लिमिटेड ने बचाई 6.6 लाख लोगों की जान और दी 45,000 कोविड केसेस में अपनी सेवाएं

जिकित्जा हेल्थकेयर लिमिटेड पिछले 4 सालों से कर रहा है प्रदेश में अत्याधुनिक उपकरणों से लैस एम्बुलेंस, साधारण एम्बुलेंस और एनएचएआई एम्बुलेंस का संचालन

चार साल की अवधि में कंपनी ने कई मुश्किलों का सामना करते हुए यह सुनिश्चित किया है कि लोगों को निरंतर आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा मिलती रहे

रांची, 26 अगस्त 2021 : जब पूरा देश अचानक कोविड महामारी के कारण अपनी जगह पर रुक गया, तब भारत को इस खतरनाक बीमारी की जकड़ से बाहर निकालने के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र ने पूरी गति से काम करना शुरू कर दिया, और आपातकालीन चिकित्सा सेवा कर्मचारियों ने निर्विवाद रूप से एक अहम भूमिका निभाई। झारखंड में भी आपातकालीन स्वास्थ्य कर्मचारी लोगों की ज़रूरत की घड़ी में उनकी मदद के लिए हमेशा मौजूद रहे हैं। फिर चाहे वो गर्भवती महिलाओं को अस्पताल ले जाने के लिए हो या दुर्घटना में घायल लोगों को गोल्डन ऑवर के अंदर अस्पताल पहुँचाने की जवाबदारी हो, जिकित्ज़ा हेल्थकेयर लिमिटेड हमेशा से झारखंड के लोगों की सहायता के लिए उपस्थित रहा है। कंपनी ने प्रदेश में अपनी सेवा के चार सफल वर्ष पूर्ण किये है और इन चार सालों में 6,64,963 लोगों को आपातकालीन चिकित्सा सेवा प्रदान की है।
हम मानव सेवा जारी रखने के लिए हैं प्रतिबद्ध
अपनी इस 4 साल की यात्रा के बारे में बात करते हुए श्री सुमित सीनियर वाईस प्रेसिडेंट ज़िकित्ज़ा हेल्थकेयर लिमिटेड (झारखंड), ज़िकित्ज़ा हेल्थकेयर लिमिटेड ने कहा कि, “झारखंड में हमारा 4 साल का सफर काफी अद्भुत और समृद्ध रहा है। हम झारखंड कि प्रदेश सरकार और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रति अपना आभार प्रकट करना चाहते हैं जिनके सहयोग से हम लोगों की सहायता करने में और अपनी सेवा प्रदान करने में सफल रहे हैं। हम भविष्य में भी इसी प्रकार जनता की सेवा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और साथ ही कोरोनावायरस महामारी की अनुमानित तीसरी लहर के लिए भी पूर्णतः सजग है। झारखंड में गर्भवती महिलाओं द्वारा हमारी सेवा का सर्वाधिक उपयोग किया गया है। 4 सालों में हमने 2.88 लाख गर्भवती महिलाओं को समय रहते अस्पताल पहुंचने में मदद की है। इसके अतिरिक्त हमने 1 लाख दुर्घटना के मामलों में भी अपनी सेवा प्रदान की है। आज भी हमें झारखंड के सैकड़ों स्थानों से एंबुलेंस
सुविधा के लिए रोज हजारों कॉल आते हैं और हमारा प्रयास यही रहता है कि प्रदेश के हर शहर हर गांव में लोगों को सेवा प्रदान की जाए। पिछले 4 सालों के इस सफर में कई चुनौतियां भी आई लेकिन हम अपनी कड़ी मेहनत और जीवन रक्षा के प्रति लगन से अपनी सेवाओं में निरंतर सुधार करने का प्रयास करते रहे। “
पूरे प्रदेश में 337 एंबुलेंस की जा रही है संचालित
जब भी किसी भी प्रकार की दुर्घटना होती है या स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति होती है तो लोगों के मन में सबसे पहले 108 एंबुलेंस की सहायता लेने का विचार आता है। लोगों के लिए यह आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा 24 घंटे उपलब्ध है, जो कि झारखंड में जिकित्ज़ा हेल्थकेयर लिमिटेड द्वारा संचालित की जा रही है। कंपनी द्वारा रांची में एक केंद्रीकृत कॉल सेंटर बनाया गया है जहां पर सभी कॉल आती है और घटनास्थल के निकटतम एंबुलेंस को घटनास्थल पर भेजा जाता है। कंपनी का यह कॉल सेंटर और प्रत्येक एंबुलेंस विश्वस्तरीय तकनीक व सुविधाओं से लैस है। यह निःशुल्क सेवा प्रदेश के प्रत्येक कोने में सुचारू रूप से संचालित करने के लिए 337 एंबुलेंस मौजूद है जिनमें से 40 एएलएस एंबुलेंस हैं और 287 एंबुलेंस साधारण एंबुलेंस हैं। 10 एंबुलेंस प्रदेश में हाईवे पर होने वाली दुर्घटनाओं के लिए आरक्षित की गई हैं। 108 ईएमआरएस एंबुलेंस सुविधा एक टोल फ्री हेल्पलाइन है जिस पर दुर्घटना के समय अथवा गर्भवती महिलाओं की सहायता के लिए 24 घंटे कॉल किया जा सकता है।
कोविड रोगियों की सहायता और उससे जुड़ी चुनौतियां
4 सालों में 108 एंबुलेंस की टीम ने कई चुनौतियों का सामना किया है जिसमें एक सबसे बड़ी चुनौती रही है कोविड-19 मरीजों को सेवा प्रदान करते वक्त एंबुलेंस को सैनिटाइज करना ताकि संक्रमण ना फैले। 108 एंबुलेंस की टीम द्वारा प्रदेश में 45000 कोविड मरीजों को सेवा प्रदान की गई है, यह सुनिश्चित करते हुए कि संक्रमण एक मरीज से दूसरे मरीज में ना फैले। जिकित्ज़ा हेल्थकेयर लिमिटेड द्वारा अनेक माध्यमों से यह सुनिश्चित किया जाता है कि एंबुलेंस सभी लोगों के लिए सुरक्षित हो। गंभीर मरीजों को लेकर आने वाले 108 स्टाफ को कोरोना से बचाव के लिए और उनकी सुरक्षा हेतु सभी एम्बुलेंस को आवश्यक वस्तुए भी उपलब्ध कराई जा रही है। उन्हें फेस मास्क, हैंड ग्लव्स, सेनिटाइजर, पीपीई किट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराई जा रही है और एम्बुलेंस हर एक केस के तुरंत बाद सैनिटाइज भी किया जा रहा है। साथ ही साथ एम्बुलेंस कर्मचारियों और ऑफिस स्टाफ द्वारा भी सारी सावधानियों एवं निर्देशों का पालन किया जा रहा है जिससे संक्रमण रोका जा सके। कोविड के संक्रमण को रोकने के लिए स्वस्थ आचरण को अपनाया जा रहा है जैसे की सोशल डिस्टैन्सिंग को ध्यान में रखते हुए ऑफिस में बैठक की व्यवस्था और ऑफिस परिसर का और एम्बुलेंस का समय समय पर फ्यूमीगेशन। प्रवासी मज़दूरों को घर पहुंचने में की गयी है सहायता 2020 में जब देशव्यापी लॉकडाउन के कारण झारखंड के प्रवासी मजदूर और विद्यार्थी, जो की भारत के विभिन्न प्रदेशों में फंसे हुए थे, उनकी घर वापसी पर 108 एम्बुलेंस द्वारा रेलवे स्टेशनों पर उनकी मदद के
लिए अपनी सेवाएं प्रदान की गयी। रांची रेलवे स्टेशन पर जब 4000 प्रवासी मज़दूर और विद्यार्थी वेल्लोर से रवाना हुई विशेष ट्रेन से झारखंड पहुँचे तब 108 एम्बुलेंस का इस्तेमाल आपातकालीन वाहन के रूप में किया गया। अपने इन सभी प्रयासों से ज़िकित्ज़ा हेल्थकेयर लिमिटेड ने झारखंड के लोगों की जीवन रक्षा और स्वास्थ्य संबंधी आपातकाल में जनसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता और लगन को साबित किया है और भविष्य में भी इसी प्रकार लोगों की सेवा करने के लिए समर्पित है। आज के प्रेस कांफ्रेंस में सुमित बासु सीनियर वाइस प्रेसीडेंट जिकीतजा, शुशांत पांडा मैनेजर जिकीतजा, सौरभ कुमार मेंटनेंस मैनेजर, अनुराग ठाकुर एडमिन इंचार्ज जिकीतजा शामिल थे।