इंसाफ के अलम्बरदार पूर्व न्यायाधीश यूसुफ इकबाल नही रहे

रांची: सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधिश एम वाई इकबाल का निधन से रांची समेत पूरा झारखंड शोक में आगया। कल गुरुवार रात्रि 11 बजे इलाज के दौरान दिल्ली मेंदांता अस्पताल में निधन हो गया। मिट्टी मंज़िल शुक्रवार बाद नमाज़ जुमा दिल्ली में अदा की गई और वहीं सुपुर्द ए खाक किया गया। उनके इंतेक़ाल की खबर पाकर उनके परिजन, मित्र, जानने और चाहने वालो ने गहरी शोक संवेदना प्रकट की। शोक संवेदना प्रकट करने वालो में झारखंड के मक़बूल समाजसेवी सह मरहबा ह्यूमन सोसाइटी के संरक्षक डॉक्टर असलम परवेज़, सेंट्रल मुहर्रम कमिटी के महासचिव अकिलुर्रह्मान, एदारे शरिया के नाज़िम ए आला मौलाना कुटुबबुद्दीन रिज़वी, मरहबा के नेहाल अहमद, झारखंड राज्य हज कमिटी के सदस्य सह मस्जिद जाफरिया रांची के इमाम व खतीब हज़रत मौलाना हाजी सैयद तहजिबुल हसन रिज़वी, जमीयत उलेमा झारखंड के कोषाध्यक्ष शाह उमेर, रेड क्रोस के हाजी हलीमुद्दीन, हाजी माशूक, सिद्दीकी पंचयात के अब्दुल ख़ालिक़, इराकी पंचयात के अब्दुल मन्नान, अनवर आलम ऑल इंडिया इदरीसी पंचयात के मो सईद इदरीसी, पत्रकार आदिल रशीद,पत्रकार मुस्तकीम आलम, आम जनता हेल्पलाइन के एजाज गद्दी, दरगाह कमिटी के हाजी रऊफ गद्दी, मो फ़ारूक़, हव्वारी मस्जिद के खतीब मुफ़्यी क़मर आलम, इस्लामिक स्कॉलर मौलाना मूसवी रज़ा, होपवेल हॉस्पिटल के निदेशक डॉक्टर शहबाज़ आलम, डॉ एम हसनैन, कौमी इत्तेहाद मोर्चा के सैयद खुर्शीद अख़्तर, एडवोकेट निशात अहमद, एडवोकेट शमीम अहमद, एडवोकेट हिमायु रशीद, एडवोकेट मुख्तार खान, मुमताज़ खान , एडवोकेट मोहसिन अख्तर, आदि ने शोक वयक्त किया। डॉ असलम परवेज़ ने बताया कि एम वाई इक़बाल बहुत नेक दिल और खुशमिजाज इंसान थे। यूसुफ इकवाल रांची मे वकालात की शुरुआत करने के बाद झारखंड उच्चन्यायालय के न्यायाधीश के बाद सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीश तक का सफर तय किया था। वे काफी लिमनसार और मृदूल भाषी थे उनका अपना निवास स्थान रांची के चर्च रोड काली स्थान पुस्तैनी मकान है। और वर्तमान समय में वे फतुला रोड में अपना मकान बनाकर वह निवास करते थे।

सेंट्रल मुहर्रम कमिटी के महासचिव अकिलुर्रह्मान ने बताया कि रातू रोड़ कब्रिस्तान में नमाज़ घर बनाने में उनका अहम योगदान रहा है। इस तरह से कई समाजिक कार्यो में भी हिस्सा लेते रहते थे।